भारतीय संविधान का अनुच्छेद 11 Article 11 Of The Indian Constitution
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 11
Article 11 Of The Indian Constitution
✔अनुच्छेद 11 भारतीय संसद को यह अधिकार प्रदान करता है कि वह नागरिकता से संबंधित सभी मामलों पर कानून बना सके।
✔यह संविधान के भाग II में वर्णित नागरिकता से जुड़े अनुच्छेदों (5 से 10) का पूरक है
✔संसद को नागरिकता से संबंधित विस्तृत प्रावधानों को तैयार करने का अधिकार देता है।
✔अनुच्छेद 11 संसद को असीमित शक्ति प्रदान करता है, जो कभी-कभी विवादास्पद हो सकती है, जैसे नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA), 2019।
अनुच्छेद 11 कहता है:
"संसद को यह शक्ति होगी कि वह नागरिकता के विषय में किसी भी प्रकार का प्रावधान करने के लिए कानून बनाए, जिसमें नागरिकता के अधिग्रहण और समाप्ति से संबंधित प्रावधान भी शामिल हैं।"
इसका अर्थ यह निकलता है कि संविधान में केवल नागरिकता के मूलभूत सिद्धांत तय किए हैं, लेकिन इनका विस्तृत नियमन संसद द्वारा किए जाने के लिए छोड़ा दिया गया है।
संसद द्वारा बनाए गए नागरिकता कानून
इस अनुच्छेद के अंतर्गत, संसद ने भारतीय नागरिकता अधिनियम, 1955 पारित किया, जो नागरिकता के अधिग्रहण, रद्द करने और अन्य प्रावधानों को नियंत्रित करता है।
इस अधिनियम के प्रमुख बिंदुओं कि हम बात करें तो वह निम्न प्रकार है
⇒नागरिकता प्राप्त करने के तरीके:
⇒जन्म से।
⇒वंशानुक्रम से।
⇒पंजीकरण के द्वारा।
⇒प्राकृतिककरण द्वारा।
⇒क्षेत्रीय विलय के आधार पर।
नागरिकता का समाप्त होना
⇒स्वेच्छा से विदेशी नागरिकता ग्रहण करना।
⇒धोखाधड़ी या झूठे दस्तावेज़ों के आधार पर नागरिकता प्राप्त करना।
⇒देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने पर।
संशोधन
नागरिकता अधिनियम में समय-समय पर जरूरत के हिसाब से संशोधन किए गए हैं,
जैसे:
➡1986 का संशोधन: माता-पिता में से एक का भारतीय होना आवश्यक किया।
➡2003 का संशोधन: अवैध प्रवासियों को नागरिकता से बाहर रखा।
➡2019 का संशोधन (CAA): पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, जैन, पारसी, बौद्ध और ईसाई धर्म के शरणार्थियों को नागरिकता प्रदान की गई।
लचीलापन
अनुच्छेद 11 ने संविधान को लचीला बनाया है, क्योंकि नागरिकता के नियमों को बदलने के लिए संविधान संशोधन की आवश्यकता नहीं होती।
कानूनी चुनौतियाँ:
नागरिकता कानूनों के प्रावधानों को न्यायालय में चुनौती दी जा सकती है, यदि वे संविधान के मूलभूत अधिकारों का उल्लंघन करते हों।
यदि आप किसी विशेष कानून या नागरिकता से जुड़े विवाद का वि
श्लेषण चाहते हैं, तो कृपया हमें कमेंट करें और बताएं।
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