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चोरी होने पर आप अपने मोबाइल को कर सकते हैं ऑनलाइन ट्रेस You Can Trace Your Mobile Online If It Is Stolen

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चोरी होने पर आप अपने मोबाइल को कर सकते हैं ऑनलाइन ट्रेस You Can Trace Your Mobile Online If  It Is Stolen पुलिस ने जारी की गाइडलाइन  देशभर में स्नैचिंग और मोबाइल चोरी के लगातार बढ़ रहे मामलों को लेकर सरकार ने पीड़ितों की शिकायत दर्ज कराने से लेकर ट्रेस करने तक की इस प्रक्रिया को आसान करते हुए ऑनलाइन कर दिया है।  इसके संबंध में पुलिस मुख्यालय ने गाइडलाइन भी जारी की है। राजस्थान पुलिस की वेबसाइट www.police.rajasthan.gov.in पर Lost Articles Report पर जाकर ऑनलाइन रिपोर्ट करें। उसके बाद गुम मोबाइल में संचालित सिम कार्ड की टेलीकॉम कंपनी के स्टोर पर जाकर तुरंत दूसरी सिम जारी करवाएं और 24 घंटे तक ओटीपी सुविधा शुरू होने तक इंतजार करें। ओटीपी सुविधा शुरू होने के www.ceir.gov.in पर Block Stolen Lost Mobile ऑप्शन पर जाकर फार्म भरें। थाने या ऑनलाइन दर्ज शिकायत की प्रति अपलोड करें। उसके बाद मोबाइल ऑनलाइन ट्रेस होना शुरू हो जाएगा। कहीं पर भी ट्रेसिबलिटी रिपोर्ट पुलिस को मिलेगी। और आप भी इसे देख सकेंगे। ट्रेस होने के बाद थाने (संबंधित) से संपर्क कर मोबाइल ले सकेंगे। बाद में CEIR पर जाक...

अनुच्छेद 12 - राज्य की परिभाषा Article 12 - Definition Of State

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  अनुच्छेद 12 - राज्य की परिभाषा Article 12 - Definition Of State   भारतीय संविधान का एक महत्वपूर्ण प्रावधान है, जो मूल अधिकारों के अध्याय के तहत आता है।  यह अनुच्छेद मौलिक अधिकारों (भाग III) के संदर्भ में‌ राज्य की परिभाषा से संबंधित है और यह निर्धारित करता है कि "राज्य" शब्द का अर्थ किन-किन संस्थाओं को शामिल करता है जिन पर मौलिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया जा सकता है। अनुच्छेद 12 के अनुसार, राज्य में निम्नलिखित शामिल हैं: 1. भारत की सरकार और संसद। 2. किसी राज्य की सरकार और विधानमंडल। 3. भारत या उसके किसी भाग के भीतर स्थित सभी स्थानीय या अन्य प्राधिकरण। जैसे -स्थानीय और अन्य प्राधिकरण: स्थानीय प्राधिकरणों में पंचायत, नगर निगम, नगर पालिका आदि आते हैं। अन्य प्राधिकरण में वे निकाय आते हैं जो राज्य के अधीन कार्य करते हैं, जैसे सार्वजनिक निगम, सरकारी एजेंसियां, और कभी-कभी वे निजी संस्थाएं जो सरकारी कार्यों में लगी होती हैं। इस अनुच्छेद का महत्व :- यह परिभाषा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 14, 19, 21 आदि) केवल "राज्य" द्वारा किए गए उल्लंघनों के ...

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 11 Article 11 Of The Indian Constitution

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  भारतीय संविधान का अनुच्छेद 11 Article 11 Of The Indian Constitution ✔अनुच्छेद 11 भारतीय संसद को यह अधिकार प्रदान करता है कि वह नागरिकता से संबंधित सभी मामलों पर कानून बना सके।  ✔यह संविधान के भाग II में वर्णित नागरिकता से जुड़े अनुच्छेदों (5 से 10) का पूरक है  ✔संसद को नागरिकता से संबंधित विस्तृत प्रावधानों को तैयार करने का अधिकार देता है। ✔अनुच्छेद 11 संसद को असीमित शक्ति प्रदान करता है, जो कभी-कभी विवादास्पद हो सकती है, जैसे नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA), 2019। अनुच्छेद 11 कहता है: "संसद को यह शक्ति होगी कि वह नागरिकता के विषय में किसी भी प्रकार का प्रावधान करने के लिए कानून बनाए, जिसमें नागरिकता के अधिग्रहण और समाप्ति से संबंधित प्रावधान भी शामिल हैं।" इसका अर्थ यह निकलता है कि संविधान में केवल नागरिकता के मूलभूत सिद्धांत तय किए हैं, लेकिन इनका विस्तृत नियमन संसद द्वारा किए जाने के लिए छोड़ा दिया गया है।

विश्व साइबर अपराध सूचकांक 2024 World Cybercrime Index 2024

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विश्व साइबर अपराध सूचकांक 2024 World Cybercrime Index 2024  यह एक शोध आधारित रैंकिंग है, जो विभिन्न देशों के साइबर अपराध के खतरे और उनके योगदान को रेखांकित करता है। इस सूचकांक को विशेषज्ञों की राय और डेटा के आधार पर विकसित किया गया है,  इसमें पांच मुख्य प्रकार के साइबर अपराधों का मूल्यांकन किया गया: 1.तकनीकी सेवाएं 2.हमले और जबरन वसूली 3. डेटा/पहचान की चोरी 4.धोखाधड़ी 5. धन शोधन 2024 की रैंकिंग  इसमें भारत की रैंकिंग स्थिति 10वें स्थान पर और रूस पहले स्थान पर है, इसके बाद यूक्रेन, चीन, अमेरिका, नाइजीरिया और रोमानिया जैसे देश हैं। ये सूचकांक यह समझने में मदद करता है कि साइबर अपराध के प्रमुख स्रोत कहां स्थित हैं और उन्हें नियंत्रित करने के लिए कौन-कौन से क्षेत्र प्राथमिकता दी जानी चाहिए। यह अध्ययन न केवल साइबर अपराधियों की भौगोलिक उपस्थिति का नक्शा तैयार करता है, बल्कि यह उनके पेशेवर कौशल और उनके अपराध के प्रभाव को भी मापता है।  यह सूचकांक वैश्विक स्तर पर साइबर सुरक्षा और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को अपने संसाधन अधिक कुशलता से उपयोग करने में मदद कर सकता है। इस सूचकांक ...

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के नए गवर्नर "संजय मल्होत्रा" Sanjay Malhotra Is The New Governor Of Reserve Bank Of India (RBI)

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  भारतीय रिज़र्व बैंक ( RBI ) के नए गवर्नर "संजय मल्होत्रा"  Sanjay Malhotra Is The New Governor Of Reserve Bank Of India (RBI) ➡संजय मल्होत्रा 3 वर्ष के कार्यकाल के लिए आरबीआई के 26वें नए गवर्नर नियुक्त किए गए। ➡वह 12 दिसंबर 2024 से अपने कार्यकाल की शुरुआत करेंगे।  ➡संजय मल्होत्रा राजस्थान कैडर के 1990 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं  ➡वर्तमान में वित्त मंत्रालय में राजस्व सचिव के पद पर कार्यरत थे।  ➡उन्होंने शक्तिकांत दास का स्थान लिया, जिनका कार्यकाल 10 दिसंबर 2024 को समाप्त हुआ। ➡संजय मल्होत्रा के पास वित्त, कराधान, और सार्वजनिक नीति सहित विभिन्न क्षेत्रों में 30 से अधिक वर्षों का अनुभव है।  ➡वह आईआईटी कानपुर से कंप्यूटर साइंस में बी.टेक और प्रिंसटन विश्वविद्यालय, अमेरिका से पब्लिक पॉलिसी में मास्टर्स हैं। ➡आरबीआई के 26वें गवर्नर के रूप में मल्होत्रा को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।  जैसे:- उन्हें मुद्रास्फीति, वित्तीय स्थिरता और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारत की मौद्रिक नीतियों को संभालने की चुनौती का सामना करना होगा।

भारतीय रिज़र्व बैंक Reserve Bank of India

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  भारतीय रिज़र्व बैंक Reserve Bank of India ➡भारतीय रिज़र्व बैंक (Reserve Bank of India) भारत का केंद्रीय बैंक और मौद्रिक प्राधिकरण है। ➡यह भारतीय वित्तीय प्रणाली का मुख्य स्तंभ है। इसका गठन 1 अप्रैल 1935 को" यंग हिल्टन आयोग "(शाही कमीशन आयोग) कि सिफारिश पर हुआ था, और इसे RBI अधिनियम, 1934के तहत स्थापित किया गया। ➡शुरुआत में इसका मुख्यालय कोलकाता में था, लेकिन 1937 के बाद इसे मुंबई स्थानांतरित कर दिया गया। इसका राष्ट्रीयकरण 1 जनवरी 1949 को हुआ। RBI भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। यह केवल एक नियामक संस्था नहीं है, बल्कि एक ऐसी संस्था है, जो भारत के आर्थिक विकास, स्थिरता, और वित्तीय समावेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वर्तमान समय में डिजिटल अर्थव्यवस्था, साइबर सुरक्षा, और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने में इसकी भूमिका और अधिक बढ़ गई है।   इसके मुख्य कार्य   1. मौद्रिक नीति का संचालन (Monetary Policy) :    RBI मौद्रिक नीति बनाता और लागू करता है, ताकि मुद्रास्फीति नियंत्रित हो, विकास को प्रोत्साहन मिले, और मुद्रा की स्थिरता बनी रहे। 2.मुद्रा जारी क...

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 10: नागरिकता का निरंतर अधिकार Article 10 Of The Indian Constitution: Continuous Right Of Citizenship

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  भारतीय संविधान का अनुच्छेद 10: नागरिकता का निरंतर अधिकार   Article 10 Of The Indian Constitution: Continuous Right Of Citizenship  भारतीय संविधान का अनुच्छेद 10 यह कहता है कि किसी व्यक्ति को, जो इस भाग के उपबंधों के अनुसार भारत का नागरिक है, तब तक भारत का नागरिक माना जाएगा जब तक कि संसद द्वारा बनाए गए किसी विधि के अधीन ऐसा कुछ अन्यथा उपबंधित न किया गया हो। जैसे:-  ✅यह अनुच्छेद यह निश्चित करता है कि जो व्यक्ति भारत का नागरिक है, वह तब तक नागरिक बना रहेगा, जब तक कि संसद द्वारा बनाए गए किसी कानून द्वारा उसकी नागरिकता को समाप्त नहीं किया जाता।   ✅यह अनुच्छेद अनुच्छेद 5 से 9 में वर्णित नागरिकता के प्रावधानों को लागू करने के लिए स्थायित्व प्रदान करता है।      ✅अनुच्छेद 10 का उद्देश्य नागरिकता के अधिकार की सुरक्षा प्रदान करता है, यह सुनिश्चित करते हुए कि इसे केवल संवैधानिक या विधिक प्रक्रिया के माध्यम से ही बदला जा सकता है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि भारत का नागरिक कौन होगा, यह तय करने का अधिकार केवल संसद के पास है। 

रन फॉर विकसित राजस्थान Run For Viksit Rajasthan

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रन फॉर विकसित राजस्थान  Run For viksit Rajasthan ✔ राजस्थान सरकार के कार्यकाल को एक वर्ष पूरा होने के उपलक्ष में आज जयपुर में ‘रन फॉर विकसित राजस्थान-2024’ का आयोजन किया जाएगा। CM भजनलाल जनपथ स्थित अमर जवान ज्योति से कार्यक्रम हिस्सा ले रहे प्रतिभागियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। और साथ ही अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेताओं को सम्मानित भी किया जायेगा। ✔ इस कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी, एनसीसी, एनएसएस,पुलिस, भारत/हिन्दुस्तान स्काउट एंड गाइड, आरएसी, सेना, होमगार्ड, विभागीय कर्मचारी और आमजन सहित लगभग 10 हजार से अधिक प्रतिभागी भाग लेंगे।  ✔ यह मैराथन प्रातः 8:00 बजे अमर जवान ज्योति से आरंभ होकर सवाई मानसिंह स्टेडियम का पूर्ण चक्कर लगाकर टोंक रोड से रामबाग सर्किल से डॉ भीमराव अंबेडकर सर्किल से होते हुए अमर जवान ज्योति स्थान पर पहुंचेगी।

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 9 -भारत की नागरिकता और विदेश की नागरिकता के बीच संबंध Article 9 Of The Indian Constitution -Relation Between Citizenship Of IndiaAand Citizenship Of A Foreign Country

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  भारतीय संविधान का अनुच्छेद 9 -भारत की नागरिकता और विदेश की नागरिकता के बीच संबंध  Article 9 Of The Indian Constitution -Relation Between Citizenship Of IndiaAand Citizenship Of A Foreign Country   यह अनुच्छेद उन व्यक्तियों के लिए है जिन्होंने विदेशी नागरिकता ग्रहण कर ली है। अनुच्छेद 9 की कुछ महत्वपूर्ण बातें। 1. यदि कोई व्यक्ति भारत का नागरिक है और उसने स्वेच्छा से किसी अन्य देश की नागरिकता ग्रहण कर लेता है, तो उसे भारतीय नागरिकता का अधिकार वंचित कर दिया जाएगा। 2. इसका अर्थ यह है कि उसे व्यक्ति को भारत की और विदेश की नागरिकता एक साथ नहीं रखी जा सकती (भारत में "दोहरी नागरिकता" की अनुमति नहीं है)। 3. इस अनुच्छेद का उद्देश्य यह है कि नागरिक केवल एक देश के प्रति अपनी निष्ठा बनाएं रख सकता है । जैसे- अगर कोई भारतीय नागरिक ऑस्ट्रेलिया जाकर वहां की नागरिकता ग्रहण कर लेता है, तो वह व्यक्ति भारतीय नागरिकता का दावा नहीं कर सकता।  

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 8 - वे लोग जो भारत में पैदा हुए हैं, लेकिन विदेश में रह रहे हैं। Article 8 Of The Indian Constitution – Persons Born In India But Residing In A Foreign Country.

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  भारतीय संविधान का अनुच्छेद 8 - वे लोग जो भारत में पैदा हुए हैं, लेकिन विदेश में रह रहे हैं। Article 8 Of The Indian Constitution – Persons Born In India But Residing In A Foreign Country. ✅ यह प्रावधान भारतीय मूल के उन व्यक्तियों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने का अधिकार देता है, जो विदेश में रहते हैं, यदि वे भारत के साथ अपने संबंध को बनाए रखना चाहते हैं।  जैसे -कोई भी व्यक्ति जो भारत के बाहर पैदा हुआ है और जिसका भारत के किसी व्यक्ति से वंशानुक्रम का संबंध है, भारतीय नागरिक माना जाएगा ✅यदि भारतीय संविधान के लागू होने से पहले या बाद में भारत के राजदूत, कौंसुल या प्रतिनिधि के पास अपनी नागरिकता पंजीकृत करवाता है। जैसे - कोई व्यक्ति संयुक्त राज्य अमेरिका में पैदा हुआ है, लेकिन उसके माता-पिता भारत में पैदा हुए हैं और वह भारतीय मूल का है, तो वह भारतीय दूतावास में आवेदन करके अपनी भारतीय नागरिकता प्राप्त कर सकता है।   अनुच्छेद 8 का उद्देश्य  ✅यह प्रावधान भारतीय प्रवासियों (Diaspora) के लिए है, ताकि वे भारत से अपने सांस्कृतिक, सामाजिक और कानूनी संबंध बनाए रख सकें। ...

अनुच्छेद 7 स्वतंत्रता के बाद भारत में वापस लौटे प्रवासियों से संबंध Article 7 Relation To Emigrants Who Returned To India After Independence

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अनुच्छेद 7 स्वतंत्रता के बाद भारत में वापस लौटे प्रवासियों से संबंध Article 7 Relation To Emigrants Who Returned To India After Independence ✅भारतीय संविधान में अनुच्छेद 7 स्वतंत्रता के बाद भारत में वापस लौटे प्रवासियों से संबंधित है। जैसे :1 मार्च 1947 के बाद भारत छोड़कर पाकिस्तान चले गए थे और बाद में वापस भारत आए। ✅अनुच्छेद 7 उन व्यक्तियों के बारे में प्रावधान करता है जो 1 मार्च 1947 के बाद भारत छोड़कर पाकिस्तान चले गए थे, उन्हें भारतीय नागरिक नहीं माना गया। ✅यदि ऐसा व्यक्ति भारत लौट आया और सरकार द्वारा विधिक रूप से उसकी वापसी को स्वीकार कर लिया हो तो वह व्यक्ति नागरिकता के लिए पात्र हो सकता है।   इस स्थिति में व्यक्ति को भारत में स्थायी रूप से बसने का अधिकार प्राप्त होगा। ✅यह अनुच्छेद विभाजन के बाद उत्पन्न नागरिकता संबंधी जटिलताओं को सुलझाने के लिए शामिल किया गया था।   ✅अनुच्छेद 7 का उद्देश्य निम्न प्रकार से है। 1. भारत की नागरिकता नीति को स्पष्ट करना।   2. विभाजन के समय उत्पन्न प्रवास और नागरिकता के मुद्दों को संबोधित करना।   3. अनुच्छेद 7 सुन...

अनुच्छेद 6 पाकिस्तान से भारत आने वाले प्रवासियों की नागरिकता Article 6 Citizenship Of Migrants Coming To India From Pakistan

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अनुच्छेद 6 पाकिस्तान से भारत आने वाले प्रवासियों की नागरिकता Article 6 Citizenship Of Migrants Coming To India From Pakistan अनुच्छेद 6 भारतीय संविधान का एक महत्वपूर्ण प्रावधान है, जो "पाकिस्तान से भारत आने वाले प्रवासियों की नागरिकता" से संबंधित है। भारत के विभाजन के समय, हजारों लाखों लोग पाकिस्तान से भारत आए, और उनकी नागरिकता को स्पष्ट करने के लिए यह अनुच्छेद जोड़ा गया था।   अनुच्छेद 6 का विवरण: यह उन व्यक्तियों के लिए नागरिकता का प्रावधान करता है, जो "पाकिस्तान से भारत में प्रवास" कर चुके थे।   प्रमुख प्रावधान: ✅ 26 जनवरी 1950 से पहले भारत में आए प्रवासी: -  वह व्यक्ति, जो पाकिस्तान से भारत में 19 जुलाई 1948 से पहले (भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 के तहत) आया हो, उसे भारतीय नागरिक माना जाएगा, यदि:        वह भारत में "स्थायी रूप से निवास" कर रहा हो, और      - उसने भारत में रहने की "नियत" से प्रवास किया हो। ✅ 19 जुलाई 1948 के बाद आए प्रवासी:-  यदि कोई व्यक्ति 19 जुलाई 1948 के पश्चात पाकिस्तान से भारत आया है, तो उसे भारती...

अनुच्छेद 5 भारत के राज्य क्षेत्र की नागरिकता का वर्णन Article 5 Description Of Citizenship Of The Territory Of India

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अनुच्छेद 5 भारत के राज्य क्षेत्र की नागरिकता का वर्णन  Article 5 Description Of Citizenship Of The Territory Of India ✅अनुच्छेद 5 भारतीय संविधान का एक महत्वपूर्ण प्रावधान है, जो भारतीय नागरिकता से संबंधित है। इस अनुच्छेद के तहत यह निर्धारित किया गया है कि भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के लिए किन-किन शर्तों को पूरा करना आवश्यक है।  ✅इस अनुच्छेद में 26 जनवरी 1950 से पहले भारत में जन्मे या भारत में निवास करने वाले व्यक्तियों की नागरिकता की स्थिति को निर्धारित किया गया है। हालांकि, संविधान के प्रारंभिक वर्षों में इस अनुच्छेद के उपखंड (Clauses) नहीं थे, लेकिन इसे बाद में नागरिकता अधिनियम, 1955 द्वारा विस्तार से समझाया गया। अनुच्छेद 5 - भारतीय नागरिकता का निर्धारण ✅ नागरिकता अधिनियम, 1955 में भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के विभिन्न तरीके और शर्तों का विवरण दिया गया है,       जैसे:- जन्म के आधार पर नागरिकता               - वंशानुगत नागरिकता            - प्राकृतिककरण द्वारा नागरिकता     ...

यदि ऐसे व्हाट्सएप संदेश जो जातिगत आरक्षण पर राय व्यक्त करते हैं, एससी/एसटी अधिनियम के तहत अपराध नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट WhatsApp Messages That Express Opinion On Caste Reservation Not An Offense Under SC/ST Act: Bombay High Court

  यदि ऐसे व्हाट्सएप संदेश जो जातिगत आरक्षण पर राय व्यक्त करते हैं, एससी/एसटी अधिनियम के तहत अपराध नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट   WhatsApp Messages That Express Opinion On Caste Reservation Not An Offense Under SC/ST Act: Bombay High Court ✅बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में शुक्रवार (29 नवंबर 2024) फैसले में एक महिला के खिलाफ मामला बंद करा, इस मामले में एक महिला ने अपने प्रेमी को अपमानजनक संदेश भेजकर, शिकायतकर्ता-प्रेमी के साथ उसकी जाति के कारण रिश्ता खत्म कर लिया था।    ✅उसके प्रेमी ने महिला के खिलाफ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 (SC/ST एक्ट) के तहत मामला दर्ज कराया। महिला के खिलाफ आरोप लगाया गया, कि उसने अपने प्रेमी के साथ रोमांटिक संबंध खत्म करते समय उसे ह्वाट्सऐप पर जातिसूचक मैसेज किये थें। महिला ने प्रेमी के साथ उसकी जाति के कारण रिश्ता खत्म कर लिया था।    ✅इस मामले की सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट की जस्टिस उर्मिला जोशी फाल्के ने कहा कि प्रेमी और प्रेमिका, दोनों के बीच आदान-प्रदान किए गए ह्वाट्सऐप संदेश में केवल जातिगत आरक्षण ...

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 4 Article 4 Of The Indian Constitution

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  भारतीय संविधान का अनुच्छेद 4 Article 4 Of The Indian Constitution यह अनुच्छेद उन प्रावधानों को स्पष्ट करता है जो अनुच्छेद 2 और अनुच्छेद 3 के अंतर्गत बनने वाले कानूनों से संबंधित हैं।   अनुच्छेद 4 यह सुनिश्चित करता है कि भारत के संघीय ढांचे में किसी भी आवश्यक क्षेत्रीय परिवर्तन को लचीलापन और सरलता के साथ किया जा सके, और यह प्रक्रिया संविधान संशोधन की श्रेणी में न आए।   मुख्य बिंदुओं कि बात करें तो हम जैसे:- ✅ अनुच्छेद 2 और 3 से जुड़े कानून:   अनुच्छेद 4 उन कानूनों के निर्माण और प्रभाव का विवरण देता है जो भारत में नए राज्यों के निर्माण या सीमाओं के पुनर्गठन के लिए बनाए जाते हैं। ✅ संविधान संशोधन नहीं माना जाएगा:     अनुच्छेद 4 स्पष्ट करता है कि अनुच्छेद 2 और 3 के तहत बने कानूनों को संविधान संशोधन (अनुच्छेद 368) के रूप में नहीं माना जाएगा, भले ही उनके परिणामस्वरूप संविधान में कुछ बदलाव (जैसे अनुसूचियों में परिवर्तन) करने की आवश्यकता हो। ✅ उद्देश्य :   इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नए राज्यों का गठन या सीमा परिवर्तन सुगमता से किया जा सक...

विश्व कंप्यूटर साक्षरता दिवस World Computer Literacy Day

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विश्व कंप्यूटर साक्षरता दिवस  World Computer Literacy Day

अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस International Day of Persons with Disabilities

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अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस International Day of Persons with Disabilities

NS-28 MISSION का संबंध किससे है? What Is NS-28 MISSION Related To?

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NS-28 MISSION का संबंध किससे है? What Is NS-28 MISSION Related To?