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चोरी होने पर आप अपने मोबाइल को कर सकते हैं ऑनलाइन ट्रेस You Can Trace Your Mobile Online If It Is Stolen

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चोरी होने पर आप अपने मोबाइल को कर सकते हैं ऑनलाइन ट्रेस You Can Trace Your Mobile Online If  It Is Stolen पुलिस ने जारी की गाइडलाइन  देशभर में स्नैचिंग और मोबाइल चोरी के लगातार बढ़ रहे मामलों को लेकर सरकार ने पीड़ितों की शिकायत दर्ज कराने से लेकर ट्रेस करने तक की इस प्रक्रिया को आसान करते हुए ऑनलाइन कर दिया है।  इसके संबंध में पुलिस मुख्यालय ने गाइडलाइन भी जारी की है। राजस्थान पुलिस की वेबसाइट www.police.rajasthan.gov.in पर Lost Articles Report पर जाकर ऑनलाइन रिपोर्ट करें। उसके बाद गुम मोबाइल में संचालित सिम कार्ड की टेलीकॉम कंपनी के स्टोर पर जाकर तुरंत दूसरी सिम जारी करवाएं और 24 घंटे तक ओटीपी सुविधा शुरू होने तक इंतजार करें। ओटीपी सुविधा शुरू होने के www.ceir.gov.in पर Block Stolen Lost Mobile ऑप्शन पर जाकर फार्म भरें। थाने या ऑनलाइन दर्ज शिकायत की प्रति अपलोड करें। उसके बाद मोबाइल ऑनलाइन ट्रेस होना शुरू हो जाएगा। कहीं पर भी ट्रेसिबलिटी रिपोर्ट पुलिस को मिलेगी। और आप भी इसे देख सकेंगे। ट्रेस होने के बाद थाने (संबंधित) से संपर्क कर मोबाइल ले सकेंगे। बाद में CEIR पर जाक...

अनुच्छेद 12 - राज्य की परिभाषा Article 12 - Definition Of State

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  अनुच्छेद 12 - राज्य की परिभाषा Article 12 - Definition Of State   भारतीय संविधान का एक महत्वपूर्ण प्रावधान है, जो मूल अधिकारों के अध्याय के तहत आता है।  यह अनुच्छेद मौलिक अधिकारों (भाग III) के संदर्भ में‌ राज्य की परिभाषा से संबंधित है और यह निर्धारित करता है कि "राज्य" शब्द का अर्थ किन-किन संस्थाओं को शामिल करता है जिन पर मौलिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया जा सकता है। अनुच्छेद 12 के अनुसार, राज्य में निम्नलिखित शामिल हैं: 1. भारत की सरकार और संसद। 2. किसी राज्य की सरकार और विधानमंडल। 3. भारत या उसके किसी भाग के भीतर स्थित सभी स्थानीय या अन्य प्राधिकरण। जैसे -स्थानीय और अन्य प्राधिकरण: स्थानीय प्राधिकरणों में पंचायत, नगर निगम, नगर पालिका आदि आते हैं। अन्य प्राधिकरण में वे निकाय आते हैं जो राज्य के अधीन कार्य करते हैं, जैसे सार्वजनिक निगम, सरकारी एजेंसियां, और कभी-कभी वे निजी संस्थाएं जो सरकारी कार्यों में लगी होती हैं। इस अनुच्छेद का महत्व :- यह परिभाषा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 14, 19, 21 आदि) केवल "राज्य" द्वारा किए गए उल्लंघनों के ...

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 11 Article 11 Of The Indian Constitution

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  भारतीय संविधान का अनुच्छेद 11 Article 11 Of The Indian Constitution ✔अनुच्छेद 11 भारतीय संसद को यह अधिकार प्रदान करता है कि वह नागरिकता से संबंधित सभी मामलों पर कानून बना सके।  ✔यह संविधान के भाग II में वर्णित नागरिकता से जुड़े अनुच्छेदों (5 से 10) का पूरक है  ✔संसद को नागरिकता से संबंधित विस्तृत प्रावधानों को तैयार करने का अधिकार देता है। ✔अनुच्छेद 11 संसद को असीमित शक्ति प्रदान करता है, जो कभी-कभी विवादास्पद हो सकती है, जैसे नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA), 2019। अनुच्छेद 11 कहता है: "संसद को यह शक्ति होगी कि वह नागरिकता के विषय में किसी भी प्रकार का प्रावधान करने के लिए कानून बनाए, जिसमें नागरिकता के अधिग्रहण और समाप्ति से संबंधित प्रावधान भी शामिल हैं।" इसका अर्थ यह निकलता है कि संविधान में केवल नागरिकता के मूलभूत सिद्धांत तय किए हैं, लेकिन इनका विस्तृत नियमन संसद द्वारा किए जाने के लिए छोड़ा दिया गया है।

विश्व साइबर अपराध सूचकांक 2024 World Cybercrime Index 2024

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विश्व साइबर अपराध सूचकांक 2024 World Cybercrime Index 2024  यह एक शोध आधारित रैंकिंग है, जो विभिन्न देशों के साइबर अपराध के खतरे और उनके योगदान को रेखांकित करता है। इस सूचकांक को विशेषज्ञों की राय और डेटा के आधार पर विकसित किया गया है,  इसमें पांच मुख्य प्रकार के साइबर अपराधों का मूल्यांकन किया गया: 1.तकनीकी सेवाएं 2.हमले और जबरन वसूली 3. डेटा/पहचान की चोरी 4.धोखाधड़ी 5. धन शोधन 2024 की रैंकिंग  इसमें भारत की रैंकिंग स्थिति 10वें स्थान पर और रूस पहले स्थान पर है, इसके बाद यूक्रेन, चीन, अमेरिका, नाइजीरिया और रोमानिया जैसे देश हैं। ये सूचकांक यह समझने में मदद करता है कि साइबर अपराध के प्रमुख स्रोत कहां स्थित हैं और उन्हें नियंत्रित करने के लिए कौन-कौन से क्षेत्र प्राथमिकता दी जानी चाहिए। यह अध्ययन न केवल साइबर अपराधियों की भौगोलिक उपस्थिति का नक्शा तैयार करता है, बल्कि यह उनके पेशेवर कौशल और उनके अपराध के प्रभाव को भी मापता है।  यह सूचकांक वैश्विक स्तर पर साइबर सुरक्षा और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को अपने संसाधन अधिक कुशलता से उपयोग करने में मदद कर सकता है। इस सूचकांक ...

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के नए गवर्नर "संजय मल्होत्रा" Sanjay Malhotra Is The New Governor Of Reserve Bank Of India (RBI)

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  भारतीय रिज़र्व बैंक ( RBI ) के नए गवर्नर "संजय मल्होत्रा"  Sanjay Malhotra Is The New Governor Of Reserve Bank Of India (RBI) ➡संजय मल्होत्रा 3 वर्ष के कार्यकाल के लिए आरबीआई के 26वें नए गवर्नर नियुक्त किए गए। ➡वह 12 दिसंबर 2024 से अपने कार्यकाल की शुरुआत करेंगे।  ➡संजय मल्होत्रा राजस्थान कैडर के 1990 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं  ➡वर्तमान में वित्त मंत्रालय में राजस्व सचिव के पद पर कार्यरत थे।  ➡उन्होंने शक्तिकांत दास का स्थान लिया, जिनका कार्यकाल 10 दिसंबर 2024 को समाप्त हुआ। ➡संजय मल्होत्रा के पास वित्त, कराधान, और सार्वजनिक नीति सहित विभिन्न क्षेत्रों में 30 से अधिक वर्षों का अनुभव है।  ➡वह आईआईटी कानपुर से कंप्यूटर साइंस में बी.टेक और प्रिंसटन विश्वविद्यालय, अमेरिका से पब्लिक पॉलिसी में मास्टर्स हैं। ➡आरबीआई के 26वें गवर्नर के रूप में मल्होत्रा को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।  जैसे:- उन्हें मुद्रास्फीति, वित्तीय स्थिरता और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारत की मौद्रिक नीतियों को संभालने की चुनौती का सामना करना होगा।

भारतीय रिज़र्व बैंक Reserve Bank of India

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  भारतीय रिज़र्व बैंक Reserve Bank of India ➡भारतीय रिज़र्व बैंक (Reserve Bank of India) भारत का केंद्रीय बैंक और मौद्रिक प्राधिकरण है। ➡यह भारतीय वित्तीय प्रणाली का मुख्य स्तंभ है। इसका गठन 1 अप्रैल 1935 को" यंग हिल्टन आयोग "(शाही कमीशन आयोग) कि सिफारिश पर हुआ था, और इसे RBI अधिनियम, 1934के तहत स्थापित किया गया। ➡शुरुआत में इसका मुख्यालय कोलकाता में था, लेकिन 1937 के बाद इसे मुंबई स्थानांतरित कर दिया गया। इसका राष्ट्रीयकरण 1 जनवरी 1949 को हुआ। RBI भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। यह केवल एक नियामक संस्था नहीं है, बल्कि एक ऐसी संस्था है, जो भारत के आर्थिक विकास, स्थिरता, और वित्तीय समावेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वर्तमान समय में डिजिटल अर्थव्यवस्था, साइबर सुरक्षा, और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने में इसकी भूमिका और अधिक बढ़ गई है।   इसके मुख्य कार्य   1. मौद्रिक नीति का संचालन (Monetary Policy) :    RBI मौद्रिक नीति बनाता और लागू करता है, ताकि मुद्रास्फीति नियंत्रित हो, विकास को प्रोत्साहन मिले, और मुद्रा की स्थिरता बनी रहे। 2.मुद्रा जारी क...

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 10: नागरिकता का निरंतर अधिकार Article 10 Of The Indian Constitution: Continuous Right Of Citizenship

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  भारतीय संविधान का अनुच्छेद 10: नागरिकता का निरंतर अधिकार   Article 10 Of The Indian Constitution: Continuous Right Of Citizenship  भारतीय संविधान का अनुच्छेद 10 यह कहता है कि किसी व्यक्ति को, जो इस भाग के उपबंधों के अनुसार भारत का नागरिक है, तब तक भारत का नागरिक माना जाएगा जब तक कि संसद द्वारा बनाए गए किसी विधि के अधीन ऐसा कुछ अन्यथा उपबंधित न किया गया हो। जैसे:-  ✅यह अनुच्छेद यह निश्चित करता है कि जो व्यक्ति भारत का नागरिक है, वह तब तक नागरिक बना रहेगा, जब तक कि संसद द्वारा बनाए गए किसी कानून द्वारा उसकी नागरिकता को समाप्त नहीं किया जाता।   ✅यह अनुच्छेद अनुच्छेद 5 से 9 में वर्णित नागरिकता के प्रावधानों को लागू करने के लिए स्थायित्व प्रदान करता है।      ✅अनुच्छेद 10 का उद्देश्य नागरिकता के अधिकार की सुरक्षा प्रदान करता है, यह सुनिश्चित करते हुए कि इसे केवल संवैधानिक या विधिक प्रक्रिया के माध्यम से ही बदला जा सकता है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि भारत का नागरिक कौन होगा, यह तय करने का अधिकार केवल संसद के पास है।